देहरादून- CPWD में कमीशनखोरी के गंभीर आरोप: ‘जीरो टॉलरेंस’ पर फिर उठे सवाल
केंद्र में मोदी की सरकार हो या उत्तराखंड में धामी की सरकार—दोनों ही ‘डबल इंजन’ और भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति की बात करती हैं।
लेकिन इसी बीच केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) से सामने आए ताजा आरोपों ने इन दावों पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
क्या है मामला?
जानकारी के मुताबीक ,CPWD में तैनात एई (सहायक अभियंता) सचिन साहू पर आरोप है कि उन्होंने फर्नीचर सप्लाई के एक टेंडर, जिसकी कुल कीमत लगभग ₹1,19,21,963 (एक करोड़ उन्नीस लाख इक्कीस हजार नौ सौ तिरसठ रुपये) बताई जा रही है, की स्वीकृति (Acceptance) के बदले 20-25% कमीशन की मांग की।
आरोप यह भी है कि संबंधित अधिकारी ने यह कहा कि—
यदि उत्तराखंड सरकार से कोई कार्य लिया जाता है, तो उसमें 5% कमीशन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को देना पड़ता है।
CPWD के सिविल निर्माण कार्यों में रनिंग बिल्स पर 5% कमीशन देना होता है।
कार्य स्वीकृति (Approval) के समय भी अतिरिक्त रकम देनी पड़ती है।
इस पूरी प्रक्रिया में कथित रूप से EXN (Executive Engineer) और चीफ इंजीनियर के शामिल होने की बात भी कही गई।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
इससे पहले CPWD के ही सहायक अभियंता संदीप कुमार को टेंडर के एवज में एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए Central Bureau of Investigation (CBI) द्वारा रंगेहाथ गिरफ्तार किया जा चुका है।
इसके बावजूद यदि नए आरोप सामने आ रहे हैं, तो यह दर्शाता है कि विभागीय स्तर पर भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की कोशिशें पर्याप्त प्रभावी नहीं दिख रहीं।
मुख्यमंत्री का नाम लेने पर उठे सवाल
सबसे गंभीर पहलू यह है कि आरोपों के अनुसार अधिकारी खुलेआम मुख्यमंत्री का नाम लेकर कथित कमीशन की बात कर रहे हैं।
यदि यह दावा सत्य है, तो इसकी निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच बेहद आवश्यक है।
यदि यह असत्य है, तो भी यह स्पष्ट होना चाहिए कि आखिर किस आधार पर ऐसे नामों का उपयोग किया जा रहा है।
क्या होगी निष्पक्ष जांच?
अब प्रमुख सवाल यह है:
1. क्या संबंधित एई और अन्य कथित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी?
2. क्या कथित बेनामी संपत्तियों की भी जांच कराई जाएगी?
3. क्या सरकार ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति को जमीनी स्तर पर लागू कर पाएगी?
जब सरकारों के नाक के नीचे इस प्रकार के गंभीर आरोप सामने आते हैं, तो यह शासन-प्रशासन की जवाबदेही और पारदर्शिता दोनों की परीक्षा बन जाता है।
Watch Video
Watch the full video for more details on this story.









