भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने DOB बदलाव प्रक्रिया की सख्त, फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक
लखनऊ - आधार में जन्मतिथि (DOB) संशोधन की प्रक्रिया को अब और सख्त बना दिया गया है। पहले कुछ लोग अलग-अलग जन्म प्रमाणपत्र तैयार कराकर उम्र में बदलाव करवा लेते थे, लेकिन नई व्यवस्था के तहत इस तरह की हेराफेरी पर प्रभावी रोक लगाने की तैयारी की गई है।
अधिकारियों के मुताबिक, अब जन्मतिथि में बदलाव तभी मान्य होगा जब पहले जमा किए गए मूल जन्म प्रमाणपत्र में ही अधिकृत संशोधन दर्ज हो। अलग पंजीकरण संख्या वाले नए जन्म प्रमाणपत्र के आधार पर आधार रिकॉर्ड अपडेट नहीं किया जाएगा। इससे फर्जी दस्तावेजों के जरिए उम्र कम या ज्यादा दिखाने के मामलों पर अंकुश लगेगा।
जानकारी के अनुसार, नौकरी, प्रतियोगी परीक्षाओं या खेल गतिविधियों में पात्रता बनाए रखने के लिए कुछ लोग उम्र में फेरबदल कराते रहे हैं। कई मामलों में नए दस्तावेज बनवाकर आधार रिकॉर्ड में बदलाव करा लिया जाता था। नई सख्ती के बाद यह संभव नहीं होगा।
आधार अपडेट केंद्रों पर बड़ी संख्या में लोग जन्मतिथि सुधार के लिए पहुंचते हैं। पहले भी एक से अधिक बार स्वयं जन्मतिथि बदलने पर प्रतिबंध था, लेकिन अब दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया और अधिक मजबूत कर दी गई है।
नई व्यवस्था का उद्देश्य रिकॉर्ड की पारदर्शिता सुनिश्चित करना और सरकारी दस्तावेजों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकना है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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