News : बैंक धोखाधड़ी मामले में अनिल अंबानी के 6 ठिकानों पर CBI की छापेमारी, पढ़ें!
News : उद्योगपति अनिल अंबानी की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा हाल ही में उनसे मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में पूछताछ के बाद, अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उनके खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है।
शनिवार को सीबीआई ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) और उससे जुड़े प्रमोटर-निदेशकों के कई परिसरों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई एक बैंक धोखाधड़ी मामले में की गई है, जिसमें भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को कथित तौर पर 2,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।
News : क्या है पूरा मामला?
सीबीआई के सूत्रों के अनुसार, यह छापेमारी मुंबई में अनिल अंबानी से जुड़े छह अलग-अलग ठिकानों पर की गई। यह पूरा मामला एसबीआई के साथ हुई एक बड़ी धोखाधड़ी से जुड़ा है। बताया जाता है कि एसबीआई ने 13 जून 2025 को रिलायंस कम्युनिकेशंस के खाते को फ्रॉड घोषित किया था। इसके बाद 24 जून को इसकी रिपोर्ट भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को भेजी गई थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई ने यह जांच शुरू की है।
जांच एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए हैं, जिनकी गहनता से जांच की जा रही है। इस कार्रवाई से रिलायंस समूह के भीतर हड़कंप मच गया है। सीबीआई इस मामले में कई अन्य लोगों से भी पूछताछ कर सकती है।
News : ईडी भी कर चुकी है पूछताछ
सीबीआई की इस कार्रवाई से पहले, 5 अगस्त को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी अनिल अंबानी से पूछताछ की थी। यह पूछताछ 17,000 करोड़ रुपये के एक बड़े बैंक लोन घोटाले से संबंधित थी, जिसमें रिलायंस समूह की कंपनियां शामिल थीं।
ईडी ने अंबानी से कई तीखे सवाल पूछे थे। इनमें यह भी शामिल था कि क्या लोन का पैसा शैल कंपनियों में भेजा गया था, क्या इसका इस्तेमाल राजनीतिक दलों को दान देने में किया गया था, या किसी सरकारी अधिकारी को रिश्वत दी गई थी।
ईडी की जांच का एक हिस्सा 2017 और 2019 के बीच यस बैंक से लिए गए लगभग 3,000 करोड़ रुपये के लोन के कथित दुरुपयोग से जुड़ा था। दूसरा और बड़ा हिस्सा रिलायंस कम्युनिकेशंस से संबंधित 14,000 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले से संबंधित है।
News : वित्तीय संकट से जूझ रहा रिलायंस समूह
अनिल अंबानी का रिलायंस समूह पिछले कुछ वर्षों से गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रहा है। उनकी कई प्रमुख कंपनियां जैसे रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) और रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर भारी कर्ज के बोझ तले दबी हैं। आरकॉम को तो दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया भी चल रही है।
इन कंपनियों पर कई बैंकों और वित्तीय संस्थानों का हजारों करोड़ का बकाया है। पिछले कुछ सालों में अनिल अंबानी ने अपनी संपत्तियों को बेचकर कर्ज चुकाने की कोशिश की है, लेकिन यह नाकाफी साबित हुई है। इस बीच, उन पर और उनके समूह पर धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोप भी लगे हैं।
News : जांच एजेंसियों की कड़ी नजर
अनिल अंबानी के खिलाफ सीबीआई की यह कार्रवाई दिखाती है कि केंद्रीय जांच एजेंसियां उनके और उनके समूह के वित्तीय लेन-देन पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। पिछले कुछ सालों में देश में बड़े बैंक घोटालों और कॉर्पोरेट धोखाधड़ी के मामलों में तेजी आई है, जिस पर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सीबीआई, ईडी और अन्य एजेंसियां ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई कर रही हैं।
इस मामले में अभी कई और खुलासे होने की उम्मीद है। सीबीआई यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या धोखाधड़ी के पीछे कोई बड़ी साजिश थी और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं। इस मामले का नतीजा अनिल अंबानी और रिलायंस समूह के भविष्य के लिए काफी महत्वपूर्ण होगा। यह देखना बाकी है कि आने वाले दिनों में और क्या नई जानकारियां सामने आती हैं।
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